उज्जैन लोकायुक्त ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सहकारिता निरीक्षक निर्मल राय के उज्जैन स्थित दो ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। अलसुबह घर पर पहुंची टीम को देख राय के होश उड़ गए। टीम को यहां से प्लॉट, फ्लैट और जमीन के दस्तावेज मिले। साथ ही 10 लाख से ज्यादा नकद, लाखों की ज्वेलरी, बैंक लॉकर, लग्जरी गाड़ी सहित करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं। टीम को यहां से और ज्यादा बेनामी संपत्ति मिलने की उम्मीद है।
लोकायुक्त इंस्पेक्टर बसंत श्रीवास्तव ने बताया कि हमें सहकारिता निरीक्षक निर्मल राय के पास से काफी बेनामी संपत्ति होने की सूचना मिली थी। जांच के बाद अलग-अलग दो टीमों ने बुधवार सुबह राय के घर और बेटे के ऑफिस पर एक साथ दबिश दी। एक टीम राय के सेठी नगर स्थित बंगले पर सर्चिंग के लिए पहुंची तो उसकी भव्यता देख चौंक गई। पूरे बंगले को रॉयल लुक दिया गया था। यहां सर्चिंग में टीम को अलमारी से सवा 10 लाख रुपए नकद, लक्जरी कार, चार टू व्हीलर, इंदौर में एक फ्लैट, दो प्लाॅट, जमीन के दस्तावेज, बेटे के नाम से एक ऑफिस, लाखों की ज्वेलरी, दो बैंक लॉकर सहित कई बैंक खातों की जानकारी मिली है।
श्रीवास्तव के अनुसार राय सहकारिता निरीक्षक के साथ-साथ सहकारिता प्रबंधक के रूप में भी काम कर रहे थे। इसके अलावा 1981 में नौकरी पर लगे राय को अब तक सरकार की ओर से वेतन के रूप में 80 लाख के करीब मिले होंगे, लेकिन दबिश में इससे कई गुना ज्यादा संपत्ति का पता चला है। लोकायुक्त की टीम के अनुसार देर शाम तक कार्रवाई चलने की उम्मीद है, जिसमें करोड़ों की काली कमाई की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।